सारा डोनेली
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जून २०१६ | मैं तीस साल की थी, जब एक फोन कॉल आया मेरे डॉक्टर के कार्यालय से मेरे परीक्षण के परिणाम बताने के लिए | तो मैं लंच ब्रेक में अपने डॉक्टर से मिलने गई. उन्होंने खेद प्रकट करते हुए कहा कि मुझे स्तन कैंसर है | पहले तो मुझे विश्वास नही हुआ , मैं एक वकील हूँ ना , तो मुझे कुछ प्रमाण चाहिए था | मुझे आपको यह बताते हुए शर्म आ रही है कि मैं उठके उनके पास गई जहाँ वह बैठीं थी ताकि मैं झाँक सकूँ कि उनके सामने रखे हुए पृष्ठ में क्या लिखा है|

(हंसी)

घातक कार्सिनोमा | किंतु फिर भी विश्वास ना करते हुए मैंने कहा, "क्या आपको यकीन है कि घातक कार्सिनोमा का मतलब कैंसर है?"

(हंसी)

उन्होंने कहा निःसंदेह यह कैंसर है| जब काम पर मैं अति आवश्यक कार्य सौंप रही थी तब मुझमें कैंसर की वृद्धि होने की जाँच चल रही थी | लेकिन उस समय, काम मेरी प्राथमिकता नहीं थी। मैं सोच में थी कि कैसे मैं अपने परिवार एवं मित्रों को बताऊँ कि मुझे कैंसर है | कैसे उनके सवालों के जवाब दूँ कि कितना बुरा है और क्या मैं ठीक हूँगी या नहीं, जब मुझे खुद नहीं पता| मैं सोच रही थी कि क्या कभी मुझे अपने साथी के साथ परिवार बसाने का अवसर मिलेगा| और कैसे मैं अपनी माँ से कहूँ, जो गर्भावस्ता में स्वयं स्तन कैंसर से पीड़ित थीं | वह अवश्य मेरी अवस्था समझेंगी और जानेंगी कि मेरे लए आगे क्या है। किंतु मैं यह भी नहीं चाहती थी कि उन्हें दोबारा कैंसर युक्त जीवन का अनुभव हो|

उस समय मैंने यह सराहना नहीं की थी कि कैसे मेरा काम मेरे उपचार एवं ठीक होने में विशेष भूमिका निभाएगा | कि मेरे सहकर्मी और मेरा काम मुझे मूल्यवान महसूस कराएगा जब कभी मैं ख़ुद को निरुपयोगी समझूँगी | कि मेरा काम ही मुझे नियमित और स्थिरता प्रदान करेगा जब मुझे कठिन व्यक्तिगत निर्णय एवं अनिश्चितता से गुज़रना होगा | जैसे कि किस प्रकार का मेरा स्तन पुनर्निर्माण होगा| आप सोचेंगे कि ऐसे कठिन समय में मैं अपने परिवार एवं मित्रों का सहारा लूँगी | निश्चित रूप से मैंने ऐसा ही किया था। लेकिन अंत में मेरे यह सहकर्मी होंगे जो मेरे दैनिक जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे| और वे ही होंगे जो मुझे हँसाकर बेहतर महसूस कराएँगे |

हम एक बहुत करीबी टीम थे, और आपस में अच्छे चुटकुले सुनाते थे | जैसे इस बार उन्होंने किसीको मुझसे सवाल पूछते हुए सुना कि मैं अपने बालों को इतना चमकदार और उत्तम कैसे रखती हूँ — बिना जाने कि यह मात्र एक उपकेश है, और आप जानते हैं, यह एक अत्युत्तम उपकेश है और यह सुबह तैयार होने में सुगम था|

(हंसी)

ऐसे क्षणों में मैंने उनके समर्थन की महत्वपूर्णता को सराहा, और सोचा की ऐसे संघ के बिना मेरा क्या होता | मैंने कई लोगों से बात की विशेष रूप से महिलाएं, जिनको ऐसे संघ का मौका नहीं मिला क्योंकि उन्हें अवसर नहीं दिया गया उपचार के दौरान काम करने का | और इसके लिए कई कारण हैं | किंतु मुझे लगता है कि प्रमुख कारण है अत्यधिक पैतृक नियोक्ता |

ये नियोक्ता चाहते हैं कि आप काम से दूर जाकर स्वयं पर ध्यान केंद्रित करें। और ठीक होने के बाद ही वापस आएं | और वे उन प्रकार के वाक्यांशों का उपयोग करते हैं। हालांकि इन प्रतिक्रियाओं का उद्देश्य नेक है, मुझे जो लाभ मिला, उसे मद्देनज़र रखते हुए, मैं निराश हो जाति हूँ जब लोगों को बताया जाता है कि वे काम नहीं कर सकते या नहीं करना चाहिए, जबकि वे काम करना चाहते हैं और शारीरिक रूप से प्रबल हैं |

तो मैंने देखा कि एक नियोक्ता को क्या करना चाहिये जब कोई कैंसर निदान प्रस्तुत करता है| मुझे पता चला कि ऑस्ट्रेलियाई कानून के तहत, कैंसर को विकलांगता माना जाता है। अगर आप सामान्य कार्य सम्बंधित कर्तव्यों में असमर्थ हैं, तो विकलांगता भेदभाव अधिनियम के अनुसार, आपके नियोक्ता बाध्य है आपके कामकाजी व्यवस्था के उचित समायोजन करने के लिए, ताकि आप काम करना जारी रख सकें| मेरे लिए उचित समायोजन क्या होगा? मुझे पता था कि मेरे निदान का मेरे काम पर क्या स्पष्ट प्रभाव होगा। कार्यालय समय के दौरान, चिकित्सा नियुक्तियां निर्धारित होंगी, मुझे सर्जिकल प्रक्रियाओं से ठीक होने के लिए समय लगेगा | एक प्ररूपी वकील होने के नाते, मैं तैयार थी कि मुझे उपचार से क्या उम्मीद रखनी है| बेशक, उसमें से बहुत कुछ डॉक्टर गूगल के माध्यम से था| शायद यह सही नहीं था और मैं ऐसा करने की सलाह नहीं दूँगी

(हंसी)

भले ही मैं सभी भौतिक साइड इफेक्ट्स के लिए तैयार थी, वास्तव में मुझे कीमो मस्तिष्क—याने उपचार के बाद कि अवस्था का डर था |

कीमो मस्तिष्क के अंतर्गत स्मृति हानि, ध्यान ना केंद्रित कर पाने एवं समस्याओं को हल करने में असमर्थ होने की संभावनाएं हैं| और अगर यह मेरे साथ हुआ, मैंने सोचा कि मैं कैसे एक वकील का कार्य निभाऊंगी| क्या मुझे काम छोड़ना पडेगा ? मैं संभवतः कैसे अपने मैनेजर से मेरी कामकाजी व्यवस्था के उचित समायोजन के बारे में विचार-विमर्श कर पाऊँगी जब मुझे ही नहीं पता था मैं कैसे प्रभावित हूँगी? मैं भाग्यशाली थी कि मेरे मैनेजर सहायक हैं जो खुश थे कि कार्य जैसे तैसे चल रहा था बजाय एक ठोस योजना की आवश्यकता के | मैं भाग्यशाली थी कि बिना उचित समायोजन नामक अवधारणा की जानकारी होते हुए, उनके लिये यह केवल सामान्य ज्ञान था|

लेकिन मैंने जाना कि यह सबके लिये सामान्य ज्ञान नहीं है | सभी इलाज के माध्यम से उसके प्रभाव और सीमाएं जानते हैं| और वे उसके हिसाब से अनुकूलित होना भी सीख जायेंगे| तो मैंने इलाज के बारे में कुछ युक्तियाँ सींखी| जैसे कि कीमो जाने से पूर्व, आप सुनिश्चित करें कि आपने पर्याप्त पानी पिया है और कि आप गर्म रहें, इससे नर्सों को आपकी नसें खोजने में आसानी होती है| और ध्यान रखें कि आप कीमो के पेहले या बाद में अपना कोई पसंदीदा भोजन न खाएं क्योंकि वो आप उलटी कर देंगे और फिर कभी आप वो देखना भी नहीं चाहेंगे|

(हंसी)

मैंने यह कठिन मार्ग से सीखा| और कुछ युक्तियाँ थीं मेरे कार्यप्रवाह के नियंत्रण की| सोमवार की सुबह प्रथम कार्य मैंने कीमो निर्धारित किया | मुझे पता था कि कैंसर देखभाल केंद्र से बहार निकलके, मेरे पास चार घंटे होंगे बिना कठिनाई के काम करने के लिये तो मैं उस समय का उपयोग अपूर्ण कार्यों की पूर्ती एवं तत्काल फ़ोन कॉल के लिए करुँगी| अधिकाँश अस्वस्थता ४८ घंटों के भीतर दूर हो जायेगी | और शेष कार्य मैं घर से लॉग इन करके पूरा करुँगी| यह उपचार जारी रहा और मुझे पता था कि क्या उम्मीद करनी है। व्यापार भागीदारों के साथ मैंने अपने काम करने की क्षमता एवं उसे पूर्ण करने की समय सीमा के उचित उम्मीदों को निर्धारित किया|

लेकिन मुझे अभी भी याद है उनकी आवाज़ में हिचकिचाहट होती थी मुझसे कुछ भी पूछने और कार्य पूर्ती का समय निर्धारित करने में| यकीन मानिये ये लोग आमतौर पर समय सीमा निर्धारित करने से घबराते नहीं हैं |

(हंसी)

मुझे लगा कि मेरे इलाज के दौरान वे मुझ पर अतिरिक्त दबाव नहीं डालना चाहते थे | हालांकि मैं उनकी भावनाओं से कृतज्ञ थी, मुझे वास्तव में समय सीमा की आवश्यकता थी| यह मेरे नियंत्रण में था और जो मेरे नियंत्रण में रह सकता है जब बाकि सब मेरे नियंत्रण में नहीं थी|

घर से काम करते समय मैं सोचती थी कि कैसे नियोक्ता इस उचित समायोजन की अवधारणा को हमारी वर्तमान उम्र में लागू कर सकते हैं, जहाँ दो में से एक ऑस्ट्रेलियाई पुरुष और महिलाएँ, ८५ साल की उम्र के भीतर कैंसर से निदान किये जायेंगे| जैसे जैसे वृद्धावस्था में भी हम काम करना जारी रखेंगे, कार्यावस्था में गंभीर बीमारी होने की संभावना भी बढ़ रही है| प्रौद्योगिकी हमें सक्षम बना रही है कहीं भी, किसी भी समय काम करने के लिए| उचित समायोजन अब प्रासंगिक नहीं हैं कि यदि आप शारीरिक रूप से कार्यालय में आ सकते है या नहीं| उचित समायोजन बैठने के लिए एक आरामदायक कुर्सी या एक लंबा अंतराल देना भी नहीं हैं, हालांकि वे चीजें भी अच्छी ही होंगी| कम से कम,हमें उन नीतियों का आवेदन करने की आवश्यक्ता है जो हमने अन्य परिदृश्यों के लिए विकसित किये हैं| जैसे की लोग जिन्की पारिवारिक ज़िम्मेदारियाँ हैं|

किंतु हम यह कैसे सुनिश्चित करें कि लोगों के लिये उचित समायोजन की चर्चा क्या होगी अगर एक प्रबंधक का जवाब हो, "अरे नहीं, काम पर वापस मत आओ जब तक आप बेहतर न हों। " और तभी मुझे ख़याल आया | यह प्रबंधकों के लिए अनिवार्य होना चाहिए कि वे अपने कर्मचारियों के साथ इस विषय पर चर्चा करें, और मेरे जैसे लोगों से सबक लें जो उपचार के दौरान काम करने से वास्तव में लाभान्वित हुए हैं| इसे व्यापक रूप से साझा करने की आवश्यकता है।

मैंने सोचा कि इन बातचीत को कैसे मार्गदर्शन दिया जाये | और फिर मेरी प्रिय सहयोगी, कैमिला गन्न ने "कैंसर के साथ कार्य करण" नामक टूलकिट विकसित किया। जो कैंसर से निदान लोगों के लिए एक ढांचा प्रदान करता है, जिससे उनके प्रबंधकों, देखभाल करने वालों एवं सहकर्मियों को मौका मिले कैंसर पर चर्चा और कार्य समर्थन उपलब्ध करने के लिये | कैमिला और मैंने अन्य संगठनों के साथ इस टूलकिट के बारे चर्चा की और यह कैसे कैंसर संबंधित बातचीत में मार्गदर्शन करेगा जो अन्यथा दुस्साध्य होती है | मुझे खुशी है कि इस टूलकिट की मांग बढ़ रही है|

तो क्या होनी चाहिए एक प्रबंधक की पहली प्रतिक्रिया जब कोई कहता है कि वे बीमार हैं और वे नहीं जानते कि इससे उनके काम पर कैसा प्रभाव पड़ेगा? यह होनी चाहिए: "आपकी क्षमता और इच्छा के अनुसार, हम आपके लिए चिकित्सा के दौरान काम जारी रख पाने की व्यवस्था करना चाहेंगे" हमें सकारात्मक रूप से गंभीर बीमारी वाले लोगों के साथ संलग्न होने की आवश्यकता है जिससे वे कार्यबल में रह सकें, बजाय पैतृक रूप से उन्हें बहार धकेलें|

मैंने आपको अपनी कहानी सुनाई ताकी आप लाभ जान सकें मेरे इलाज के दौरान काम करने का| मैं आपकी धारणाओं को भी बदलना चाहती हूँ अगर आपके हिसाब से उपचार का मतलब केवल उदास, दुर्बल एवं उल्टी करने वाले लोग हों | और हाँलांकि ये चीजें कुछ हद्द तक सच हैं हमेशा नहीं, मैंने तय किया कि हमेशा की तरह मैं कार्य को प्रबल रूप से पूरा कर सकूँ| और मैं ऐसा कर पाई क्योंकि मेरे नियोक्ता ने मुझे विकल्प दिया|

सबसे महत्वपूर्ण रूप से मैं बता रहीं हूँ क्यूंकि यह हमेशा प्रस्तुत या प्रोत्साहित नहीं होता जबकि यह लोगों के लिये स्पष्ट विकल्प है और होना भी चाहिए|

धन्यवाद |

(तालियाँ)