Baba Shiv

बाबा शिव :कभी कभी ड्राईवर सीट छोड़ना सबसे बेहतर है

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सालों का अनुसंधान, मानव स्वभाव के बारे में एक काउंटर इनटुइटिव तथ्य सामने लाता है: कि कभी कभी अधिक विकल्प होना हमें दुखी कर सकता है| यह चिकित्सा स्थिति से भी जुड़ा हो सकता है| बाबा शिव एक आकर्षक अध्यायन दिखाते हैं जिससे पता चलता है कि चुनाव से शक कैसे पैदा हो सकता है, और कैसे चुनने का हक़ छोड़ देना - खास तौर पर ज़िन्दगी और मौत के मामले में- हमारे लिए सबसे अच्छा हो सकता है|

About the speaker
Baba Shiv · Neuroeconomist

Baba Shiv studies how “liking” and “wanting” shape the choices we make, and what that means in the world of marketing.

Baba Shiv studies how “liking” and “wanting” shape the choices we make, and what that means in the world of marketing.