मेरे विचार से मुझे सीधे सीधे शुरु करना चहिये और थोड़ा सा बोलना चाहिए कि औटिस्म क्या है? औटिस्म एक लम्बी श्रृंखला है जो बहुत गंभीर स्थिती, जिसमे बच्चा बोलता भी नही है , से एक प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों और इंजीनियरों बनने का रास्ता तय कर सकती है. और यहाँ मुझे एकदम घर जैसा लग रहा है क्योकि यहाँ बहुत सा औटिस्म जेनेटिक्स है आप के पास तो नही… (तालियां)
यह केवल लक्षणों की श्रृंखला है कब कोई विलक्षण प्रतिभा वाला व्यक्ति बदल जाता है एस्परगर से ग्रसित व्यक्ति मे-जो मन्द औटिस्म का ही एक रूप है? मेरा मतलब है आईनस्टाइन और मोज़ार्ट से और टेलसा से , जिन्हे शायद आज औटिस्म स्पेक्ट्रम से ग्रसित घोषित कर दिया जाए और एक बहुत मह्त्तवपूर्ण बात जो आज मेरे लिए वास्तव में चिंता का विषय है वह है इन बच्चो तक पहुँचना जो कि आगे जा कर आविष्कार करेंगें आने वाली ऊर्जा का, अब, जैसा कि आज सुबह बिल गेट्स ने बताया है।
अच्छा , अब अगर आप समझना चाह्ते है तो औटिस्म को ,जानवरो को। और मै आप सबसे बात करना चाह्ती हूँ भिन्न भिन्न तरह से सोचने की क्षमता की आप को वाणी से ध्यान हटाना होगा मै तस्वीरो मे सोचती हूँ मै भाषा मे नही सोचती अब, औटिसटिक दिमाग के बारे मे एक विशेष चीज़ यह है कि वह बारिकियो पर गौर करता है अच्छा , यह एक परीक्षा है , जहाँ आपको या तो केवल बडे अक्षर चुनने हैं , या सिर्फ छोटे अक्षर चुनने हैं । और औटिसटिक दिमाग छोटे अक्षर जल्दी चुनता है
और यह बात भी है कि सामन्य दिमाग बारिकियो पर ध्यान नही देता। ले्किन, अगर आप एक पुल बनाने जा रहे है तो बारिकियो पर ध्यान देना ज़रूरी है अन्यथा वह गिर जाएगा,अगर आप्अने उसकी बारिकियों पर गौर नही किया। और सबसे बडी चिंता आज मुझे नीति सबंधी है बहुत सी चीज़े धुन्धली हो रही है लोग हाथ मे लिए काम करने से बच रहे है मुझे सचमुच चिन्ता हो रही है कि बहुत से स्कूलो ने कई कक्षाएँ बन्द कर दी है जैसे कला और अन्य ऐसी कक्षाएँ क्योंकि ये ही वो कक्षाएँ है जिनमे मैं अच्छी थी
ठीक है, मवेशियों के साथ अपने काम में, मैंने बहुत कुछ छोटी चीजें देखी जो कि ज्यादातर लोगों नहीं देखते है उदाहरण के लिए पशुओं को क्या डराता है, जैसे वह हिलता हुआ झडा, पशु चिकित्सा सुविधा के सामने उसकी वजह से वह फ़ीड यार्ड पूरा पशु चिकित्सा सुविधा गिराने जा रहा था, उन्हे बस उन्हे वह झडा हटाना था इसके विपरीत तुरंत कार्यवाही हो गई, मैने जब 1970 मे शुरु किया , तब मै सीधे ढ्लान मे नीचे उतर गई यह देख्नने के लिये कि पशुओ को क्या दिखता है। लोगो ने सोचा कि मै पागल हूँ.उन्हें बाड़ पर पड़ा हुआ कोट डराता था परछाईयाँ उन्हे डरा देती थी, एक ज़मीन पर पडा पाईप भी लोग इन बातो पर ध्यान नही दे रहे थे। नीचे लटकती एक ज़ंज़ीर, और यह सब इस फ़िल्म मे बहुत अछे से दिखाया है।
दरासल , मुझे यह फ़िल्म बेहद पसंद आई उन्होने मेरे सभी कार्यो को हूबहू दिखाया है.यह मेरी पढ़ाकू तस्वीर है मेरे बनाए चित्र भी इस फ़िल्म मे प्रदर्शित किए है और सचमुच इस फ़िल्म का नाम भी टेम्पल ग्रैन्डिन है, आप चित्रो मे नही सोच रहे है
तो फ़िर चित्रो मे सोचना क्या है? यह सही मे एक फ़िल्म कि तरह है आपके दिमाग के अंदर मेरा दिमाग गूगल की तरह काम करता है, चित्रो के लिये जब , मैं एक छोटी बच्ची थी तब मैं नही जानती थी कि मेरी सोच अलग है मुझे लगता था कि सभी चित्रो में सोचते है और फ़िर जब मैने अपनी किताब "थिंकिंग इन पिक्चर्स" लिखी मैने कई लोगो का इन्टरवियू किया कि वो कैसे सोचते है और मै हैरान रह गई यह देख कर कि मेरी सोच कितनी अलग है। जैसे कि मै कहती हूँ "चर्च के घंटाघर के बारे मे सोचो बहुत से लोगो को यह साधारणता से एक आम छवि समझ आ जाएगी हो सकता है कि यह सही न हो इस कमरे मे लेकिन यह सही होगा बहुत सी अन्य जगहो में मै बहुत सटीक तस्वीरे देखती हूँ वे अपने आप मेरे दिमाग मे आ जाती है, एकदम गूगल की तस्वीरो की तरह और मेरी फ़िल्म मे , एक सीन है जिसमे "जूता" शब्द का इस्तेमाल होता है, और 50 से 60 जोडी जूते मेरे दिमाग मे आ जाते हैं
ओके, ये मेरे बचपन की चर्च की तस्वीर है यह विशिष्ट है, और भी है, फ़ोर्ट कोलिन्स ओके , अब कुछ प्रसिद्ध तस्वी्रे कैसी रहेंगी? और वो खुद ही दिमाग मे आ जाती है,कु्छ इस तरह से जल्दी से, जैसे, गूगल पर एकदम से मिल जाती है और वो एक एक कर के ऊपर आने लगती है और मै सोचती हूँ , ओके चलो शायद बर्फ़ की तरह धीरे धीरे गिरने दो य तूफ़ान की तरह आने दो और मै उन्हे वहाँ रोक कर रख सकती हूँ और उनके विडियो बना सकती हूँ
यह ज़रूर है कि चित्रो वाली सोच बहुत फ़ायदेमंद है मवेशियो को संभालने के मेरे काम मे और मैने बहुत मेहनत की है यह निश्चित करने मे कि कैसे मवेशियो को मारने के समय रखा जाता है मैन आपको कोई दहला देने वाले विभत्स द्र्श्य नही दिखाऊँगी अगर आप वह देखना चाहे तो आप यू ट्यूब पर देख सकते है लेकिन, एक चीज जो कि मैं अपने डिजाइन में काम करने में सक्षम हो सकी वह थी कि मैने वास्तविक परीक्षण किया अपने दिमाग मे उस उपकरण का बिल्कुल वैसे ही जैसे वास्तविकता कंप्यूटर प्रणाली मे होता है और यह एक हवाई दृश्य है फिल्म में इस्तेमाल किया गए मेरे एक प्रोजेक्ट के पुनः सृजन का वह वास्त्व मे बहुत मस्त था और वहाँ एस्पर्गर के प्रकार की तरह के बहुत व्यक्ति थे, और औटिस्म के प्रकार के भी, फिल्म सेट पर काम करने वालों मे भी बहुत (हँसी) लेकिन वास्तव मे एक चीज़ है जिसकी मुझे चिंता है वह ये कि आज के बच्चे किस दिशा मे जा रहे है वे सिलिकौन वैली मे नही पहुँच रहे जहाँ उन्हे होना चहिये था (हँसी) (तालियाँ)
अब, एक बात जो मैने बहुत जल्दी सीखी है, क्योकि मै बहुत ज्याद घुलति -मिलती नही हूँ लोगो मे कि मुझे अपने काम को बेचना है अपने आप को नही और जिस तरह से मैने पशुओ कीं नौकरियों को बेचा मैने अपने चित्र दिखाए, मैनें चीजों की तस्वीरें दिखाई. एक और बात जिसने कि मेरी मदद की है, वह ये कि जब मै छोटी थी हमे सन 50 मे सचमुच शिष्टाचार सिखाया गया था. आपको सिखाया गया था आप अलमारियों से सामान नहीं खींच सकते हैं दुकानो मे और उसे बिखेर नही सकते
और जब बच्चे तीसरी या चौथी कक्षा मे आते है आपदेख सकते है कि बच्चा एक दृश्य विचारक होने जा रहा है, एक परिप्रेक्ष्य मे यह चित्र अब, मैं निश्चित रूप से बताना चाह्ती हू कि हर औटिस्टिक बच्चा दृश्य विचारक नही हो सकता अब, मेरा एक ब्रेन स्कैन किया गया कई साल पहले, और मैं एक मजाक किया करती हू कि मेरे पास एक विशाल इंटरनेट ट्रंक लाइन मै द्र्श्य कल्पना मे गहरी जा रहा है. यह टेन्सर इमेजिंग है और मेरी विशाल इंटरनेट ट्रंक लाइन कंट्रोल से दुगनी बडी है यह लाल लकीरे मै हूँ और नीली लकीरे लैन्गिक और उम्र के सामान कंट्रोल है और उधर एक बडा सा है और वह कंट्रोल , वह नीले कट्रोल मे एक बहुत सा छोटा सा है
और कुछ खोजों मे यह सामने आ रहा है यह है कि स्पेक्ट्रम पर लोग वास्तव में प्राथमिक दृश्य के साथ लगता है. अब, बात यह है, दृश्य विचारक, दिमाग का ,सिर्फ एक प्रकार है आप सम्झिए कि , औटिस्टिक दिमाग एक विशेश प्रकार का दिमाग होता है किसी चीज़ मे अच्छा, किसी मे खराब और क्योकी मै बीज गणित मे बुरी थी और मुझे कभी भी अनुमति नही मिली कि मै ज्योमैट्री य ट्रिग्नोमैट्रि सीखू वह बहुत बडी गलती थी,मैंने बहुत बच्चों को देखा जिन्हे बीजगणित को छोड कर सीधे ज्योमैट्री य ट्रिग्नोमैट्रि सीखनी चाहिए
अब, दिमाग क एक और प्रकार , पैटर्न विचारक है. अधिक अमूर्त. ये अपने इंजिनियर रहे हैं, या आपके कम्पयूट्र प्रोग्रामर है अब, यह पैटर्न सोच है , जैसे यह प्रार्थना करता हुआ कीडा कागज़ के एक टुकडे से बनाया है कोई स्कॉच टेप, कोई काट-पीट नही और वहाँ पीछे इसे बनाने का तरीका दिखाया हुआ है यहाँ कुछ सोचने के प्रकार बताए है मेरी तरह यथार्थवादी दृश्य विचारक पैटर्न विचारक, संगीत और गणित मन. इन्मे से कुछ को अक्सर पढ़ने की समस्या होती है आप इस तरह की समस्याए उनमे भी देख सकते है जैसे डिसलिक्सिक बच्चे आप मन के इन विभिन्न प्रका्रो को देखे और फिर वहाँ एक मौखिक दिमाग है. उन्हे सब कुछ के बारे में हर तथ्य पता होता है
अब, एक बात सवेदना से सबधी मुद्दों की है. मैं वास्तव में मेरे चेहरे पर इस गैजेट को पहनने के लिए होने के बारे में चिंतित थी और मैं आधे घंटे में पहले से आई थी ताकि मै इसे पहन सकू और इससे सहज हो सकूँ और उन्होने इसे मोड दिया है और अब ये मेरी ठोड़ी से नही टकरा रहा है पर सवेदना एक बडा मुद्दा है। कुछ बच्चो को फ्लोरोसेंट रोशनी से परेशानी होती है कुछ को आवाज़ की संवेदना से आप जानते है कि , याह परिवर्तन शील मुद्दा है
अब, दृश्य सोच ने मुझे बहुत सी अंतर्दृष्टि दी है पशुओ के दिमाग मे क्योंकि अगर इसके बारे में सोचो. तो जानवर एक संवेदी आधारित विचारक है, मौखिक नहीं. वह तस्वीरों में सोचता है. आवाज़ में सोचता है , खुश्बू में सोचता है सोचिए कि उस आग बुझाने वाले यंत्र के पस कितनी जानकारी है उसे पता है कि कौन आया था वहाँ और कब आया था वे दोस्त थे या दुश्मन, क्या वह कोई ऐसा था जिसके साथ वे मेटिंग कर सकते थे उस आग बुझाने वाले यत्र के पास बहुत सी जानकारी है और बहुत बारीकियो मे है यह जानकारी है और इस तरह की बारिकियो को देख्नने से मुझे जानवरों में की सोच समझने की अंतर्दृष्टि मिली है
अब, पशुओ के दिमाग और मेरे भी दिमाग मे संवेदना पर आधारित जानकारी को श्रेणियों मे रखा जाता है घोड़े पर आदमी और ज़मीन पर आदमी को दो बिल्कुल अलग तरह के रूप में देखा जाता है आपके पास एक घोड़ा है जिससे कि एक सवार द्वारा दुर्व्यवहार किया गया है वह जानवरों के डॉक्टर के साथ बिल्कुल ठीक रहेगा और घोडे की नाल लगाने वाले के साथ भी , लेकिन आप उस पर सवारी नही कर सकते आपके पास एक और घोडा है , जिसे नाल लगाने वाले ने मारा है वो बहुत तग करेगा ज़मीन पर रखी चीज़ को देख कर या जानवरों का डॉक्टर के साथ, लेकिन उस पर आप सवारी कर सकते है गाय भी ऐसी ही होती है घोड़े पर आदमी पैदल आदमी, दो अलग चीज़े है आप देखिए , यह एक दम अलग तस्वीर है देखो, मैं चाहती हूँ कि आप सम्झे कि यह कितना विशेष है
अब, यह श्रेणियों में जानकारी रखने की क्षमता, मैने देखा है बहुत से लोग इसमे अच्छे नही होते जब मैं बाहर उपकरणो की समस्या का निवारण कर रही हूँ या संयंत्र में कुछ समस्याओं को देख रही हूँ वे लोग पता नही लगा पाते कि "मेरे लिए यह लोगो को प्रशिक्षण देने का मुद्दा है?" या "मेरे उपकरणों के साथ कुछ गलत है?" दूसरे शब्दों में, उपकरण समस्या का वर्गीकरण , लोगों की समस्या से अलग करना मैने देखा इसमे बहुत से लोगों को कठिनाई होती है. अब, मान लीजिए कि मैंने समझ लिया यह एक उपकरण समस्या है. तो क्या यह एक छोटी सी समस्या है , इतनी आसान कि मै खुद ही ठीक कर सकती हूँ या यत्र के पूरे डिज़ाइन मे ही गडगड है? बहुत से लोगों को इसे समझने मे कठिनाई होती है.
चलिए बस ऐसे ही कुछ देखते है, जैसे कि आप जानते है एयरलाइनों को सुरक्षित बनाने की समस्याओं को सुलझाना हाँ, मै एक मिलियन माइल फ़्लायर हूँ और मै बहुत बहुत ज़्यादा हवाई यात्रा करती हूँ और अगर मै FAA मे होती क्या मै कौन सी चीज़ का प्रत्यक्ष अवलोकन कर रही होती? उनके हवाई जहाज की पूंछ का आप जानते हैं, पिछले 20 वर्षों में पांच घातक विनाश हुए है पूंछ या तो पूरा टूट गया या पूंछ के अंदर स्टीयरिंग का सामान टूट गया किसी तरह से समस्या पूंछ मे है स्पष्ट और सीधी बात और जब पाइल्ट्स जहाज के पीछे जाते है तो वह नही देख पाते पूंछ के भीतर का सामान आप जानते है कि अब जब मै इस बारे मे सोच रही हू तो मै सभी विशेष जानकारिओ के बारे मे सोच रही हूँ यह विशिष्ट है, अब आप देखे , कि मेरी सोच नीचे से उभरती है मै सारे छोटे छोटे टुकड़े लेती हूँ और उन्हे जोड कर पूरी पहेली सुलझाती हूँ
अब, यहाँ एक घोड़ा है जो बहु्त डरता था चरवाहो की काली टोपियो से किसी के द्वारा उसके साथ दुर्व्यवहार किया था जो काली चरवाहा टोपी पहनता था सफेद चरवाहा टोपी से उसे कोई समस्या नही थी अब, बात है, दुनिया को ज़रूरत है विभिन्न प्रकार के सभी दिमागो के साथ मिलकर काम करने की हमे इन सभी प्रकार क दिमागो के विकास पर काम करना है और चीजें हैं जो मुझे वास्तव में पागल कर देती है मैं जो यात्राएँ करती हूँ और औटिस्म की बैठकें करती हूँ और मै बहुत से स्मार्ट , तेज़ और होशियार बच्चो को देखती हूँ और वो ज्यादा मिलनसार नही है और कोई उनके साथ उनकी रुचि विकसित करने के लिए काम भी नही कर रहा जैसे कि विज्ञान मे
और यह मेरे विज्ञान शिक्षक की बात मेरे ध्यान मे लाता है. मेरे विज्ञान शिक्षक बह्त खूबसूरती से फिल्म में दिखाया गया है. जब मैं हाई स्कूल में थी, मैं एक बहुत मूर्ख छात्रा थी और मुझे पढाई कि बिल्कुल परवाह नहीं थी जब तक मैं श्री कार्लौक के विज्ञान वर्ग मे नही गई वह जो फिल्म में अब डा. कार्लौक है और उन्होने मुझे चुनौती दी एक ऑप्टिकल भ्रम कमरे को समझने की ये मुझे याद दिलाता है कि आपको भी बच्चों को आकर्षक चीज़े दिखानी चाहिए आप जानते हैं कि एक चीज़ जो मुझे लगता है शायद टेड को करनी चाहिए की सभी स्कूलों को बताए कि टेड पर कितने अच्छे व्याख्यान हैं, और इंटरनेट पर बहुत कुछ है इन बच्चों का उत्साह जगाने के लिए क्योंकि मै बहुत से स्मार्ट , तेज़ और होशियार बच्चो को देखती हूँ और मिडवेस्ट में शिक्षकों, और देश के अन्य भागों, जब आप इन तकनीक के क्षेत्रों से दूर जाते है, वहाँ वे नहीं जानते कि क्या इन बच्चों के साथ क्या करना है. वे सही रास्ते पर नहीं चल रहे हैं
बात यह है कि , तुम एक अपना एक मत बना सकते हो और विचार्क और संज्ञानात्मक होने के लिए या आप अपने दिमाग को और समजिक होने के लिए बाध्य कर सकते हो और कुछ अनुसंधान ने औटिस्म के बारे मे दिखाया है कि ऐसे तेज़ लोगो के दिमाग मे कुछ ज़्यादा ही नसे हो सकती है और कुछ सामाजिक एरिया की नसे कम हो सकती है यह एक व्यापार की तरह है सोच और सामाजिकता के बीच मे और फिर तुम उस बिन्दु पर हो सकते हो जहाँ यह बहुत गंभीर है आपके सामने एक व्यक्ति है जो कि बिल्कुल नही बोलता एक सामान्य आदमी के दिमाग मे भाषा दृश्य सोच को जो हम मे जानवरो जैसी है, दबा देती है
यह डॉ. ब्रूस मिलर का काम है. और उन्होने अल्जाइमर रोगियों का अध्ययन किया है जिन्हे टेम्पोरल लोब मनोभ्रंश था और उस मनोभ्रंश मस्तिष्क के भाषा भागों को नष्ट कर दिया था और इस कलाकृति को उसने बनाया है जो कभी कारो मे स्टीरियो लगाता था अब, वैन गौघ भौतिकी के बारे में कुछ नहीं जानते थे लेकिन मुझे लगता है यह बहुत दिलचस्प है कि वहाँ कुछ काम किया था यह दिखाने के लिए कि इस चित्र में इस तुफ़ान के पैटर्न मे अशांति के एक सांख्यिकीय मॉडल का पालन किया.गया है जो एक अलग ही दिलचस्प विचार लाता है इस गणितीय पैटर्न में से कुछ हो सकता है की हमारे अपने दिमाग में है.
और वौलफ़्रम सामान के नोटस जो मैं ले रही थी और जो भी लिख रही थी खोज के जो शब्द जो मै इस्तेमाल कर रही थी क्योंकि मुझे लगा कि वह काम आएगे मेरे औटिस्म के व्याख्यानो मे हमे इन बच्चों क दिलचस्प चीज़े दिखानी है और उन्होने औटोशौप बंद कर दी है और प्रारूपण कक्षा और कला की कक्षाएँ भी मेरा मतलब है कि कला मेरा स्कूल में सबसे अच्छा विषय था.
हमे दिमाग के इन सभी विभिन्न प्रकार के बारे में सोचना होगा और हमे इन दिमाग के विभिन्न प्रकार के साथ काम करना है क्योकि हमे निश्चित रूप से भविष्य में इस प्रकार के लोगों की आवश्यकता है और हम नौकरियों के बारे में बात करते हैं. ठीक है, मेरे विज्ञान शिक्षक ने मुझे अध्यन के लिए प्रेरित किया क्योकि मै मूर्ख थी और पढ्ना नही चह्ती थी लेकिन आप जानते हो क्या? मैं काम का अनुभव ले रही थी. मैं इन बच्चों कोदेख रही हूँ जो स्मार्ट है लेकिन उन्होने बुनियादी बातें नहीं सीखी है जैसे कैसे समय पर आया जाता है मुझे यह सिखाया गया था कि जब मैं आठ साल की थी आप जानते ही है कि दादी की रविवार की पार्टी मे खाने की मेज़ पर कैसे व्य्वहार करना चाहिए यह मुझे सिखाया गया था जब मै बहुत छोटी थी और जब मै तेरह साल की थी तब एक दर्ज़ी की दुकान पर मै नौकरी कर रही थी कपडे बेचने की मैने इंटर्नशिप की थी कौलेज़ मे मै सामान बनाती थी और मुझे ग्रहकार्य कैसे करना सीखना था.
आपको पता है, जब मैं छोटी थी. मैं सिर्फ़ घोड़ों की तस्वीरें बनाना चाह्ती थी मेरी माँ कह्ती "चलो , अब किसी और चीज़ की तस्वीर बनाते है" उन्हे कुछ और करना भी सीखना चाहिए मान लीजिए कि बच्चा केवल लोगोज़ खिलौनो से ही खेलता है चलो तो उसे अलग अलग चीजों के निर्माण पर काम करने के लिए प्रेरित करे औटिस्टिक दिमाग के बारे में एक बात है कि वह ज़िद्दी होते है जैसे कि अगर बच्चे को रेस कार का शौक है तो रेस कार का ही उपयोग करे गणित की पढाई के लिए देखते है कि रेस कार एक निश्चित समय मे कितनी दूरी तक जा सकती है दूसरे शब्दों में, उस ज़िद्द का उपयोग करे उस बच्चे का उत्साह बढाने के लिए करे, यह एक कार्य है जो हमे करना चाहिए मै कभी कभी सच मे तग आ जाती हूँ , क्योकि, आप जानते है शिक्षक खासकर जब आप देश के इस भाग से दूर चले जाओ, उन्हे पता ही नही है कि इन होशियार बच्चो के साथ क्या करना है यह मुझे झुंझला देता है
जब वे बड़े हो जाए तो दृश्य विचारक क्या काम कर सकते है वे ग्राफिक डिजाइन कर सकते है। कंप्यूटर के साथ सभी प्रकार के काम कर सकते हैं, फोटोग्राफी , औद्योगिक डिजाइन पैटर्न विचारक, वे है जो कि बन सकते है आपके गणितज्ञ, आपके सॉफ्टवेयर इंजीनियर, आपके कंप्यूटर प्रोग्रामर, इस प्रकार के सभी रोजगार और तब आपके शब्दो मे सोचने वाले दिमाग है. वे महान पत्रकारों बनते हैं. वे वास्तव में बहुत अच्छे मंच अभिनेता भी बन सकते है क्योंकि औटिस्टिक होने के बारे मे एक बात है कि जैसे मैने सामाजिक होने की कला स्टेज पर सीखी यह जैसे कि , बस आपको इसे सीखना है
और हमे इन बच्चो के साथ काम करने की ज़रूरत है और यह मुझे मार्गदर्शको की याद दिलाता है आप जानते है क्या कि मेरे विज्ञान शिक्षक एक मान्यता प्राप्त शिक्षक नहीं थे. वह नासा के एक अंतरिक्ष वैज्ञानिक थे. कुछ राज्यों अब यह हो रहा है कि अगर आपकी जीव विज्ञान में डिग्री, या रसायन विज्ञान में डिग्री है, आप स्कूल में आ सकते हैं और जीव विज्ञान रसायन शास्त्र या सिखा सकते हैं. हमे ऐसा करने की आवश्यकता है. क्योंकि मै देख रही हूँ काफ़ी सारे बच्चो के लिए , अच्छे शिक्षक बाहर सामुदायिक कॉलेजों में है हमे अपने उच्च विद्यालयों में इन अच्छे शिक्षकों को लाने की ज़रूरत है
और एक बात जो बहुत सफ़ल हो सकती है वह ये कि बहुत से लोग जो अब रिटायर हो गये है सॉफ्टवेयर उद्योगो मे काम करने के बाद, और ये आपके बच्चो को पढा सकते है और यह फ़र्क नही पड्ता कि जो वे सिखा रहे है वो पुराना है। क्योंकि आप चिंगारी प्रकाशित कर रहे हैं आप उस बच्चे को उत्साहि त कर रहे है और जब वह प्रेरित हो जाएगा , तब वह बहुत सी नई बाते सीख लेगा मार्गदर्शक ज़रूरी है मै जितना भी कहूँ कम है कि मेरे विज्ञान के शिक्षक ने मेरे लिए क्या किया. और हमे उन्हें मार्गदर्शक बनाना है, गुरु बनाना है
और अगर आप उन्हें अपनी कंपनियों में इंटर्नशिप के लिए ले आएँ औटिस्म के बारे में बात है, ऐस्पर्गी वाले दिमाग की उन्हे आपको एक निश्चित और तय काम ही देना होगा। आप ऐसा नही कह सकते कि "एक नया सौफ़्ट्वेयर बनाओ" आपको उन्हे बहुत अधिक विशिष्ट्ता मे बताना होगा "हम एक फ़ोन के लिए एक सॉफ्टवेयर तैयार कर रहे हैं और उसे यह विशेष कार्य करना है। और यह केवल इतनी ही स्मृति का उपयोग कर सकता है आपको इस तरह का विशलेषण करना होगा
बस , यही मेरे व्याख्यान का अंत होता है और मै बस आप सबको यहाँ आने के लिए धन्यवाद देना चाह्ती हूँ यहाँ आना बहुत अच्छा रहा।
ओह, आप मेरे से कोइ प्रश्न करना चाहते है (तालियाँ)
क्रिस एन्डरसन: इस सब के लिए शुक्रिया आप जानती है, आपने एक बार यह लिखा था, मुझे यह पंक्तियाँ बेहद पसंद है 'अगर किसी जादू से, औटिस्म को धरती अर से मिटाया जा सके, तो आदमी आज भी एक लकड़ी जला कर आग के सामने किसी गुफ़ा के सामने मिलना जुलना कर रहा होता
तेम्पल ग्रैंडिन: क्योंकि तम्हे क्या लगता है कि जो पहले पत्थर से भाले तैयार हुए थ,े किसने किए थे? ऐस्पर्गर आदमी ने। और अगर हमने सब आत्मकेंद्रित आनुवंशिकी से छुटकारा पा लिया तो सिलिकौन वैली ही नही रहेगी और ऊर्जा संकट का हल नहीं मिलेगा (तालियाँ)
सी ए : तो, मै आप से कुछ और प्रश्न पूछ्ना चाहता हूँ और इनमे से कोई अनुपयुक्त महसूस करे तो आपको बस कहना है, "अगला सवाल "। लेकिन अगर यहाँ कोई है जिसे एक औटिस्टिक बच्चा है या वह किसी औटिस्टिक बच्चे को जानता है और उनसे अलग -थलग महसूस करता है आप उन्हे क्या सलाह देंगी
टीजी: ,अच्छा, सबसे पहले तो, आप को उसकी उम्र देखनी चहिए , अगर वह एक दो, तीन या चार साल का है आप जानते है कि उसकी कोई भाषा नहीं, कोई सामाजिक संपर्क नही है, मै इस पर और पर्याप्त ज़ोर नही दे सकती इ।तज़ार मत करो, तम्हे ठीक शिक्षण के लिए कम से कम 20 घंटे एक सप्ताह में जरूरत है. आप जानते है कि बात यह है कि औटिस्म कैइ श्रेणियों मे आता है वहाँ स्पैक्ट्रम पर कम से कम आधे लोग होंगे जो कि कभी बोलना नही सीखेंगे और कभी काम नही कर पाएँगे सिलीकौन वैली उअनके लिए उनके लिए एक उचित कार्य नहीं होगा.
लेकिन फिर आप स्मार्ट और तेज़ बच्चों को मिलते है जो औटिस्म से प्रभावित है और वहाँ आपको उन्हे प्रभावित करने की आवश्यकता है कुछ रोचक कार्यो द्वारा मैने कुछ सहयोगी रोचक कार्यो के माध्यम से सामाजिक संपर्क सीखा था मैने दूसरे बच्चों के साथ ही घोड़ों की सवारी की. मैनें दूसरे बच्चों के साथ मिल कर मॉडल रॉकेट बनाए है, दूसरे बच्चों के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स प्रयोगशाला मे काम किया था, और 60 के दशक मे उसमे शीशा चिपकाना होता था एक स्पीकर पर जिस पर एक रबर झिल्ली होती थी, रोशनी दिखाने के लिए वह कुछ इस तरह था, अरे हमे वो बहुत मस्त लगता था।
सीए: क्या उनके लिए यह आशा करना या सोचना अवास्तविक है कि बच्चा उन्हे प्यार करता है, जैसे कि कुछ करते है या आशा करते है
टीजी: अच्छा , मैन आपको बता दू कि बच्चा उनसे वफ़ादार रहेगा और अगर आपका घर जलने वाला हो तो वे आपको कैसे भी वहाँ से बाहर निकाल लेंगे
सीए: वाह, ज़्यादातर लोग , अगर आप उनसे पूछे कि वे सबसे अधिक किसके के बारे में भावुक होते हैं, तो कहते हैं मेरी "बच्चों" या "मेरे प्रेमी" के लिए आप सबसे अधिक किस के बारे में भावुक हो?
टीजी: मैं सबसे अधिक भावुक हूँ अपने कार्य जो मै करती हूँ दुनिया को एक बेहतर जगह बनाने के लिए जब एक औटिस्टिक बच्चे कि मँ मुझ् से यह कहती है कि " मेरा बच्चा आपकी पुस्तक की वजह से या व्याख्यानो की वजह से कॉलेज गया", मुझे बहुत खुशी मिलती है।
मैने पशुओ के वध करने वाले प्लांट्स के साथ काम किया है 80 के दशक मे वे बिल्कुल भयानक थे मैं वध संयंत्रों के लिए एक बहुत सरल स्कोरिंग प्रणाली विकसित की जहाँ आप सिर्फ परिणाम मापते थे , कि कितने मवेशी नीचे गिर गए कितने मवेशीयो को डडे से भोंका गया कितने मवेशी राँभ रँभ कर शोर मचा रहे है और यह बहुत आसान है आप सीधे सीधे कुछ सरल बातों पर ध्यान रखते है यह वास्तव में अच्छी तरह से काम किया . मुझे उससे बहुत संतोष मिलता है जिन चीज़ो से वास्तव मे बाह्री दुनिया मे फ़र्क पड्ता है। हमे ऐसे कार्यो की बहुत आवश्यकता है और बहुत कम ऊपरी बातो की (तालियाँ)
सीए : जब हम फोन पर बात कर रहे थे आपने एक बात कही थी और मुझे बहुत आश्चर्य हुआ कि आपने कहा कि आप े सर्वर फार्मों मे बहुत रुचि रखती थी। उसके बारे मे मुझे कुछ बताएँ
टीजी: उसका कारण था कि मैं बहुत उत्साहित हो गई जब मैने पढ़ा है कि उसमे बहुत ज्ञान होता है यह पुस्तकालय है. और मेर लिए ज्ञान कुछ महत्त्व रखता है जो बहुत कीमती है, लगभग 10 साल पहले हमारे पुस्तकालयो मे पानी भर गया. इंटरनेट तब बहुत बडा नही हुआ था और मै वास्तव में सभी पुस्तकों के बर्बाद होने से परेशान थी क्योंकि वह ज्ञान था जो नष्ट हो रहा था और सर्वर फार्मं, या डेटा केन्द्र ज्ञान के महान पुस्तकालय हैं.
CA: टेम्प्ल, क्या मै कह सकता हूँ कि टेड मे तुम्हारे आने से हुम सब को बेहद खुशी हुई
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टेम्पल ग्रैन्डिन, जो कि बचपन से औटिस्म से ग्रस्त है, अपनए दिमाग की कार्यशैली के बारे मे चर्चा कर रही हैं --वह बता रही हैं कि कैसे उनकी "तस्वीरो मे सोचने की क्षमता" ने उन्हे उन समस्याओ का समाधान ढूढ़ने मे मदद दी जिन्हे अक्सर बाकि Neurotypical(वे जिन्हे औटिस्म नही है) दिमाग नही देख पाते हैं । वे कह्ती है कि दुनिया को औटिस्म स्पेक्ट्र्म से सोचने वाले व्यक्तियों की भी ज़रूरत है : दृश्य विचारकों, पैटर्न विचारकों, मौखिक विचारकों, और स्मार्ट और तेज़ बच्चों को सभी प्रकार की।
Through groundbreaking research and the lens of her own autism, Temple Grandin brings startling insight into two worlds. Full bio »
Translated into Hindi by manisha verma
Reviewed by Anshul Tyagi
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18:44 Posted: Mar 2008
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