मैं हमेशा अनपेक्षित परिणामों से प्यार नहीं करता था, लेकिन मैं वास्तव में उनकी सराहना करना सीखा है. मैंने सीखा है कि वे सार हैं की प्रगति क्या है यहां तक कि जब वे भयानक लग रहे हो. और मैं समीक्षा करना चाहता हूँ कैसे अनपेक्षित परिणाम अपना भाग निभाते हैं
आइये अब हम वर्तमान से चालीस हजार वर्ष पहले चलें जब सांस्कृतिक विस्फोट हुआ था जब संगीत ,कला ,तकनीक बहुत सारी वस्तुएँ जिनका हम उपभोग कर रहे हैं बहुत सारी वस्तुएँ जिनका वर्णन इस संस्था में किया जा चूका है का जन्म हुआ था और मानव विज्ञानी "रान्डेल व्हाइट" ने एक बहुत रुचिकर अवलोकन किया है कि यदि हमारे पूर्वज चालीस हजार साल पहले ये देखने में सक्षम होते कि उन्होंने क्या किया है तब वे वास्तव में नहीं समझ पाते. वे जवाब दे रहे थे तात्कालिक समस्याओं का वे हमारे लिए संभव बना रहे थे वो कार्य करना जो वे करते थे फिर भी वे नहीं समझ सके कि उन्होंने ये कैसे किया
आइये अब हम कुछ आगे बढ़कर वर्तमान से दस हजार साल पहले चलें और यही वो समय है जब चीजें और भी रुचिकर हो जाती हैं अनाजों के निजीकरण के बारे में आपके क्या विचार हैं? और कृषि के उद्भव के बारे में आपके क्या विचार हैं? क्या हमारे पूर्वजों ने दस हजार साल पहले कहा होता अगर उनके पास तकनिकी सहायता होती ? और मैं अभी ये कल्पना कर सकता हूँ कि संस्थाएं उन्हें सूचित करतीं कि कृषि मानवता को कहाँ लेकर जायेगी. कम से कम अगले सौ सालों में यह बहुत बुरा समाचार था सर्वप्रथम खराब पोषण लघु आयु यह औरतों के लिए काफी कष्टप्रद था उस कल के मानव अवशेष से यह पता चलता है कि वे सुबह ,दोपहर ,शाम अनाजों को पीसा करती थीं और सैधांतिक रूप से यह बहुत घृणित था यह शुरुआत थी एक बहुत उपरी स्तर के असमानता कि यदि उस समय तर्कसंगत प्रौद्योगिकी मूल्यांकन होता तो मै सोचता हूँ कि तब वे कहते आओ इन चीजों को बंद करते हैं
इस समय भी हमारे विकल्प अनपेक्षित परिणामों से प्रभावित हैं ऐतिहासिक रूप से चापस्टिक्स -एक जापानी मानव वेत्ता के अनुसार जिन्होंने इस पर एक शोध भी लिखा है मिशिगन विश्वविद्यालय में दीर्घकालिक बदलाव आया दांत निकलने में ,दांतों में जापानी लोगों के और हम अपने दातों को अभी भी बदल रहे हैं यहं एक साक्ष्य है कि मानव मुख और दांत मंद गति से बढ़ रहे हैं यह निश्चित रूप से गंदे अनपेक्षित परिणाम नहीं हैं लेकिन मै सोचता हूँ कि नेंदेर्थल के हिसाब से यहाँ बहुत ज्यादा अस्वीकृति होती जल्दबाजी में सोचे गए चोप्रों के बारे में जो अब है हम इसलिए ये वस्तुएं एक तरह से सम्बंधित हैं जहाँ से हम या हमारे पूर्वज देख रहे हैं,
प्राचीन कल में अनपेक्षित परिणामों के प्रति बहुत श्रध्हा थी और वहाँ सतर्कता का एक बहुत ही स्वस्थ भावना थी, जो कि पता चलती है ज्ञान के पेड से पंडोरा के बॉक्स में और विशेष रूप से प्रोमेथियस के मिथक में ये इतना महत्वपूर्ण हो गया है प्रौद्योगिकी के बारे में हाल ही में रूपकों में. और वह सब बहुत सच है. प्राचीन समय के भौतिकविद प्रमुख रूप से मिस्र के लोग जिन्होंने सबसे पहले दवाओं के बारे में बताया जैसा कि हम जानते हैं बहुत सतर्क थे कि वे किसका इलाज कर सकते हैं और किसका इलाज नहीं कर सकते हैं और जीवित ग्रंथों के अनुवाद का कहना है, "मैं इसका इलाज नहीं करूँगा .इसका मै इलाज नहीं कर सकता . वे बहुत सतर्क थे . और यही स्थिति थी हिप्पोक्रेट्स के अनुयायीयों के साथ हिप्पोक्रेटिक पांडुलिपियाँ भी लगातार नए अध्ययन के अनुसार दिखाती हैं कि कैसे महत्वपूर्ण है कोई नुक्सान न पहुचाना हाल ही में, हार्वे कुशीनग जिन्होंने आधुनिक नुरोसुर्जेरी का विकास किया जिन्होंने दवा के क्षेत्र इसे भिन्न कर दिया जोकि सर्जरी से उत्पन्न होने वाली मौतों के मामले में बहुमत में था से उसमे, जिसमें वहाँ एक उम्मीद थी, वह बहुत जागरूक थे कि यह जरुरी नहीं की वह जो कर रहे हैं वो सही है लेकिन उन्होंने अपना सर्वस्वा दिया और उन्होंने रिकॉर्ड रखा जिससे की वे दवा की शाखा को बदल सकें
अब हम अगर थोडा आगे देखें १९ वीं सदी की तरफ . हम प्रद्योगिकी की एक नयी शैली पाते हैं| हम ये पाते हैं की की अब कोई आसान मशीन नहीं हैं लेकिन संसाधन हैं| हम और ज्यादा मशीनों की जटिल व्यवस्था पाते हैं जो की ये कठिन बना देते हैं ये पता करना की क्या चल रहा है पहले व्यक्ति जिन्होंने ये देखा वे मध्य १९वीं शताब्दी के तेलेग्रफेर्स थे जो की वास्तविक हैकर थे . थोमस एडीसन के लिए बहुत सुविधापूर्ण होता आज के माहौल में काम करना. और इन हमलावरों का एक शब्द था उन रहस्यमयी कीड़ों के लिए जो तार सिस्टम में थे उन्हें बग कहा जाता था | यहीं से बग शब्द की उत्पति हुई | यह चेतना हालाँकि सामान्य आबादी में बड़ने में धीमी थी, तब भी कुछ लोगों को ये बातें पता थीं|
सामुएल क्लिमेंस ,मार्क ट्विन एक बहत बड़े निवेशक था सबसे जटिल मशीनों में कम से कम १९१८ तक की जो की यु .एस. पेटेंट ओफ़िस में रेजिस्तेरेड था| वो अविष्कार था पेज टाइप सेटर था| पेज टाइप सेटर में १८००० भाग थे | पेटेंट में कुल ६४ पृष्ठ थे और कुल २७१ चित्र थे यह बहुत उत्कृष्ट मशीन थी क्यूंकि ये वो सरे कार्य कर सकती थी जो एक मनुष्य ने किया था प्रकार की स्थापना में टाइप को इसकी पुनार्वस्था में लाना जो की एक बहुत जटिल कार्य था और मार्क ट्विन जो की टाइप सेटिंग के बारे में सब कुछ जानते थे इस मशीन की वजह से बहुत बुरी तरह से प्रभावित हुए | दुर्भाग्य से वह बहुत दूसरे तरीकों से प्रभवित था क्यूंकि इसने उसे दिवालिया बना दिया और उसे विश्व की यात्रा करनी पड़ी इस कमी को पूरा करने के लिए और यह एक महत्वपूर्ण चीज थी १९ वीं सदी की बारे में, की ये सारे सम्बन्ध अलग अलग तरीकों से अछे विचारों को भी खत्म कर देते थे जबकि यह निर्णय विशेषज्ञ लोगों के द्वारा लिया जाता था |
२० वीं सदी के प्रारम्भ में कुछ चीजें ऐसी थीं जिन्होंने इन वस्तुओं को जटिल बना दिया. और यह वही सुरक्षा तकनीक थी जो अपने में ही खतरनाक हो सकती थी Titanic ने हमें सिखाया की उस समय के बहुत सम्दार्शियों के लिए कि हमारे पास जीवनरक्षक नौकाएं होनी चाहिए पर्याप्त मात्रा में उन प्रत्येक लोगों के लिए जो नाव में हैं . और इसकी वजह से बहुत सारी जानें गयीं उन लोगों कि जो उनमे चढ नहीं पाए . हालाँकि एक और मामला था, Eastland एक जहाज १९१५ में शिकागो हार्बर में डूब गया और ८४१ लोग मरे गए यह संख्या १४ अधिक थी Titanic. हादसे में मरे गए लोगों से . इस दुर्घटना का प्रमुख कारण वो अधिक जीवन रक्षक नौकाएं थीं जो रखी गयीं थीं जिसकी वजह से पहले ही अस्थिर नाव और अस्थिर हो गयी. और ये फिर से सिद्ध करता है कि जब आप अनपेक्षित परिणामों के बारे में बात करते हैं तो इतना आसान नहीं होता ये जानना कि सही उपाय क्या हैं? निश्चित रूप से यह प्रश्न उस सिस्टम का है कि किस तरीके नाव भरी गयी थी गिट्टी और कई अन्य चीजें.
अतः २०वीं सदी ने देखा कि कितना जटिल था यह वास्तविकता साथ ही एक सकारात्मक पहलु भी देखा. इसने यह देखा कि अविष्कार को आपातकाल से फायदा हो सकता है . इसे फायदा हो सकता है त्रासदियों से. और मेरा प्रिय उदाहरण जो कि उतना ज्ञात नहीं है तकनिकी चमत्कार के रूप में लेकिन यह बहुत महान है और यह है द्वितीय विश्व युद्ध में पेनिसिलिन का तेजी से उपयोग. पेनिसिलिन की खोज १९२८ में कि गयी थी , लेकिन १९४० तक इसकी कोई वाणिज्यिक और चिकित्सा उपयोगी मात्रा उत्पन्न नहीं कि जाती थी. बहुत सारी दवा कंपनियां इस पर काम कर रही थीं. वे स्वतंत्र रूप से इस पर काम कर रही थीं , और वे किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुँच पा रही थीं . और सरकार के रिसर्च ब्यूरो ने एक साथ प्रतिनिधियों को लाया और उनसे कहा कि यह कार्य होना ही चाहिए और तब उन्होंने न केवल इसे पूरा किया बल्कि दो साल के अंदर उन्होंने पेंसिलिन का उत्पादन बढ़ा दिया प्रारम्भ में एक लीटर से १०००० गैलन . इस प्रकार कम समय में ही पेंसिलिन इतनी तेजी से उत्पन्न किया गया और एक महान अविष्कार हो गया दवाओं के क्षेत्र में द्वितीय विश्व युद्ध में भी उपस्थिति सौर विकिरणों कि जिसका वर्णन हस्तक्षेप के अध्ययन के द्वारा किया गया था. जिसका पता लगा था ग्रेट ब्रिटेन के रडार स्टेसन के द्वारा . अतः आपदाओं में भी लाभ थे हमारे पूर्ण विज्ञानं साथ ही साथ व्यावहारिक विज्ञानं दोनों को लाभ थे | और दवाओं से भी |
अब जब हम द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के समय को देखते हैं तो अनपेक्षित परिणाम और भी रुचिकर हो गए हैं | और इसका उदहारण १९७६ के शुरुआत में शुरू हुआ' जब इस बात कि खोज हुई कि जीवाणु के कारण Legionnaires रोग हमेशा से ही पानी में मौजूद था | लेकिन यह पानी के तापमान के कारण हीटिंग ,वेंतिलेतिंग और वातानुकूलित प्रणालियों में जो कि अधिकतम प्रजनन के लिए लेजिओनेल्ला बसिल्लुस के खैर, बचाव के लिए प्रौद्योगिकी. तो रसायनज्ञ के लिए काम मिल गया, और उन्होंने एक जीवाणु को मारने वाली दवा विकसित कि जो उन प्रणालियों में प्रयोग होने लगी |
लेकिन १९८० कि शुरुआत कुछ और घटित हुआ और वह ये था कि एक रहस्य मय महामारी टेप ड्राइव की विफलताओं की पुरे यु .एस.में फ़ैल गयी और IBM, जिसने उसे बनाया था को नहीं पता चल पा रहा था कि वो क्या करे ? उन्होंने अपने सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिकों के समूह को बुलाया इस बात का पता लगाने के लिए और उन्होंने ये पाया कि सरे टेप ड्राइव वेंटिलेशन नलिकाएं के निकट स्थित थे वहां ये हुआ था कि जीवाणुओं को मरने वाली दवा का निर्माण टीन से किया गया था और इन टिन के कणों को टेप हेड में रखा गया था और ये टेप हेड को नष्ट कर रहे थे इसलिए उन्होंने जीवाणुओं को नष्ट करने वाली दवा को पुनह बनाया लेकि न जो तथ्य मेरे लिए रुचिकर था वो ये था कि यह पहला अवसर था यांत्रिक उपकरणों में जो कि परोक्ष रूप से मानव के रोगों से प्रभावित था अतः ये दर्शाता है कि हम कहीं न कहीं इस्में भागीदार थे
वास्तव में यह ये भी प्रदर्शित करता है कि यद्यपि हमारी क्षमता और तकनीक ज्यामितीय रूप से फ़ैल रही है दुर्भाग्य से हमारी उनके व्यव्हार को प्रतिरूपित करने कि क्षमता जो कि बढ़ रही है केवल गणितीय रूप से बढ़ रही है . अतः हमारे समय का एक महत्वपूर्ण समस्या ये है कि इस अंतर को कैसे कम करें जो कि क्षमता और दूरदर्शिता में है दूसरी तरफ सही परिणाम २० वीं सदी कि तकनीक का यद्यपि एक माध्यम था जिससे दूसरी तरीके कि घटनाएन सकारात्मक विकास कि तरफ बढ़ सकती थीं| दो व्यापार के इतिहासकार मैरीलैंड विश्वविद्यालय में, ब्रेंट Goldfarb और डेविड कर्सवासर जिन्होंने बहुत ही रुचिकर कार्य किया है जिनमे से अभी बहुत सारा छपा नहीं है प्रमुख नवाचारों के इतिहास पर. उन्होंने नए विचारों को संगृहीत किया और यह पाया कि सबसे बड़ी संख्या , सबसे बड़ी दशक. मुलभुत विचारों कि जैसा कि पता चल रहा था उन सूचियों से जो की दूसरों ने बनायीं थी कुछ सूचियों को उन्होंने मिलाया था महान अवसाद था
कोई नहीं जनता था कि ये ऐसा क्यूँ था लेकिन एक कहानी इसका कारण बता सकती है यह जीरोक्स कॉपी मशीन का अविष्कार था जिसने अपना ५०विन सालगिरह मनाई है पिछले साल| और चेस्टर कार्लसन जो कि इसके अविष्कार थे एक पेटेंट वकील थे. वह चाहता तो नहीं था पेटेंट रिसर्च के क्षेत्र में काम करना लेकिन वे कोई अन्य तकनिकी नौकरी नहीं पा सके अतः यह एक अच्छी नौकरी थी जो उसे मिली वह बहुत दुखी था कम गुणवत्ता और उच्च लागत मौजूदा पेटेंट प्रतिकृतियां से और इसलिए उसने विक्सित करना प्रारम्भा कर दिया सूखी फोटोकॉपी की एक प्रणाली, जो की उसने पेटेंट कि थी १९३० में और जो पहली सूखी photocopier बन गया जो की औद्योगिक रूपसे प्रयोग हुई १९६० में अतः हम देखते हैं कि कभी कभी इन अव्यवस्थाओं कि वजह से ,लोगों कि वजह से जो कि स्वाभाविक नौकरी छोड़ रहे होते हैं और जा रहे होते हैं कहीं और जहाँ उनकी रचनात्मकता से वह फर्क ला सकें उन अवसादों और अन्य सभी तरह के दुर्भाग्यशाली घटनाएँ एक विडंबना सी उत्तेजक प्रभाव डाल सकती हैं रचनात्मकता पर
इसका के मतलब है ? इसका मतलब मै सोचता हूँ कि ये है कि हम अप्रत्याशित संभावनाओं के एक समय में रह रहे हैं. उदाहरण के लिए वित्तीय दुनिया के बारे में सोचो .. वारेन बफेट, बेंजामिन ग्राहम की संरक्षक, मूल्य निवेश की अपनी प्रणाली विकसित करी अपनी हानि के कारन | 1929 दुर्घटना में.. और उन्होंने वो किताब प्रकाशित कि १९३० कि शुरुआत में और पुस्तक अभी भी आगे के संस्करणों में मौजूद है और अभी भी एक मौलिक पाठ्यपुस्तक है. अतः बहुत साडी महत्वपूर्ण नयी चीजें घटित हो सकती हैं जब लोग दुर्घटनाओं से सीखते हैं .
अब बड़े और छोटे विपत्तियों के बारे में सोचें जो कि अब हैं बिस्तर के कीड़े, हत्यारी मधुमक्खियों, स्पैम - और ये भी संभव है कि उनका निराकरण वास्तव में तत्काल सवाल से परे का विस्तार करेगा. यदि हम लुईस पस्तुरे के बारे में सोचें जिन्हें १९८० में अध्ययन करने के लिए कहा गया रेशम के कीड़ों के रोगों पर रेशम उद्योग के लिए | और उनकी खोज वास्तव में प्रारंभ थी रोग के रोगाणु सिद्धांत की | इसलिए बहुत बार, आपदा के कुछ प्रकार - कभी कभी परिणाम देते हैं रेशम कीड़े की अत्यधिक खेती जैसे, जो की उन दिनों यूरोप में समस्या थी किसी बड़े कार्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण हो सकता है|
अतः इसका मतलब ये हुआ कि हमें अलग तरीके से देखना चाहिए अनपेक्षित परिणामों को | हमें सकारात्मक पहलुओं को ध्यान में रखना चाहिए | हमे ये देखना चाहिए कि वे हमारे लिय क्या कर सकते हैं| हमें यह सीखना चाहिए उन आंकड़ों से जिनका मैंने उल्लेख किया है| हमें सीखना चाहिए जैसे की डा . कुशीनग से जिन्होंने कई रोगियों को मार दिया अपने प्राम्भिक शल्य क्रिया के दौरान | उन्होंने कुछ त्रुटियाँ की | उन्होंने कुछ गलतियाँ की | और उन्होंने उन गलतियों से सिखा और परिणाम स्वरुप जब हम कहते हैं "यह दिमाग की शल्य चिकित्सा है " तो यह श्रधांजलि देता है कि यह कितना कठिन था किसी के लिए, अपनी गलतियों से सीखना दवा के क्षेत्र में कि वो अपनी संभावनाओं में हतोत्साहित माना जाता था. और हम याद कर सकते हैं कैसे दवा कंपनियां चाहती थी अपने ज्ञान को इकठा करना अपने ज्ञान को वितरित करने के लिए आपातकाल कि स्थिति में , जिनमें वो सालों तक नहीं पड़े | वो ये कार्य पहले भी कर सकते थे
अतः यह सन्देश है मेरे लिए अनपेक्षित परिणामों के बारे में कि अराजकता होती है ; आओ इसका उचित प्रयोग करें .
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दोनों जानबूझकर और अप्रत्याशित तरीके में - हर नया आविष्कार दुनिया बदल जाता है. इतिहासकार एडवर्ड टेने ऐसे किस्से सुनाते हैं जो हमारी नया करने की क्षमता और उसके परिणामों की उम्मीद की क्षमता के बीच का फासला वर्णन करते हैं.
Edward Tenner is an independent writer, speaker, and editor analyzing the cultural aspects of technological change. Full bio »
Translated into Hindi by ANURAG DWIVEDI
Reviewed by Gaurav Gupta
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16:26 Posted: Jul 2010
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22:55 Posted: May 2010
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19:01 Posted: Jan 2007
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